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गैरसैंण सदन में भ्रष्टाचार पर घमासान, सरकार बोली—जीरो टॉलरेंस पर सख्त कार्रवाई

गैरसैंण। भ्रष्टाचार को लेकर सरकार जीरो टालरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। राज्य में यह पहली बार हुआ है, जब आइएसएस, आएफएस जैसे उच्चाधिकारियों को निलंबित किया गया है।

संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष की कार्यस्थगन की सूचना का जवाब देते हुए सदन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार से राज्य में सुशासन का माडल खड़ा हुआ है। विपक्ष झूठे आंकड़े देकर भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में विफल रही है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीठ ने कार्यस्थगन की सूचना को अग्राह्य कर दिया।

संसदीय कार्यमंत्री उनियाल ने कहा कि सरकार ने जहां भी भ्रष्टाचार की शिकायत मिली, वहां कार्रवाई की है। टोल-फ्री नंबर पर प्राप्त 90 प्रतिशत शिकायतें निस्तारित की गई हैं। पिछले चार साल में विजिलेंस ने 92 मामलों में 108 लोगों को ट्रैप किया है। विजिलेंस को अधिक प्रभावी बनाने के दृष्टिगत पद सृजन समेत अन्य कदम उठाए गए हैं। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने को सरकार ने सख्त नकलरोधी कानून लागू करने के साथ ही उत्तराखंंड अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के अधिकारियों को जेल भेजने का काम किया है।

सुशासन का माडल बनी सीएम हेल्पलाइन
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि स्थानीय बेरोजगारों के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपए तक के ठेके स्थानीय ठेकेदारों को देने का काम किया है। विकास प्राधिकरणों में आनलाइन माध्यम से मानचित्र स्वीकृत किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सुशासन का माडल बनकर उभरी है। सरकार की पारदर्शी नीतियों के कारण खनन राजस्व 300 करोड़ से बढ़कर 1200 करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार ने अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाई है।

भूमि बेची नहीं गई, बल्कि मास्टर प्लान हो रहा तैयार
उन्होंने कहा कि देहरादून के डाकपत्थर की जिस भूमि को लेकर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है, उसे मास्टर प्लान बनाने को एक से दूसरे विभाग को दिया गया है। इसमें कुछ गलत नहीं है। यूआइआइडीबी मास्टर प्लान तैयार कर रहा है, यह भूमि बेची नहीं गई है। देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि काम में देरी के चलते पूर्व में चयनित एजेंसी को बदला गया। अब उससे 19 करोड़ रुपये वसूली की कार्रवाई की जा रही है। इस परियोजना में इलेक्ट्रिक बसों की खरीद से देहरादून की जनता को लाभ मिला और अब तक विभिन्न मार्गों पर इन बसों में 76 लाख से ज्यादा लोग यात्रा कर चुके हैं।

जीरो टालरेंस की नीति पर खड़े हो रहे सवाल : आर्य
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस तरह से भ्रष्टाचार के मामले आ रहे हैं, उससे सरकार की जीरो टालरेंस की नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भ्रष्टाचार के मामलों में न समय से जांच होती है, न दोषियों पर कार्रवाई ही होती है। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे 29 अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति शासन में अटकी है। उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने भी बात रखी।

मुन्ना और प्रीतम के बीच तीखी नोक-झोंक
शून्यकाल के दौरान सत्र में शाम को जब भ्रष्टाचार पर कार्यस्थगन की सूचना को ग्राह्यता पर पीठ सुन रही थी, तब जौनसार बावर के दो चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वियों भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के मध्य तीखी नोक-झोंक हो गई। हुआ यूं कि नेता प्रतिपक्ष ने अपने संबोधन में डाकपत्थर क्षेत्र की भूमि का मसला उठाया तो चौहान ने इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया।

इसके बाद विधायक प्रीतम सिंह ने विकासनगर का माडर्न सिटी का विषय रखते हुए कहा कि इसका जवाब भी सत्तापक्ष के विधायक देंगे। इस पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कड़ा ऐतराज जताया। दोनों के बीच जुबानी जंग व्यक्तिगत आक्षेप तक जा पहुंची। तब पीठ ने निर्देश दिए कि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप न लगाएं। साथ ही दोनाें विधायकों के मध्य हुई नोकझोंक को कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए।

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