मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में 2026 की पहली जोरदार बर्फबारी और बारिश हुई, जिससे पर्यटकों व स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे। शनिवार को हाईवे पर जाम लगता रहा और शहर में पर्यटकों की भीड़ रही। तापमान शून्य से नीचे जाने के बावजूद लोग मस्ती करते दिखे।
यमुना व अगलाड़ घाटियों में अच्छी बारिश से काश्तकारों को राहत मिली। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बर्फबारी ने मसूरी को सफेद चादर से ढक दिया, जिससे पर्यटकों की आमद बढ़ गई और वे बर्फ के गोले बनाकर आनंद ले रहे हैं।
मसूरी। शुक्रवार को भारी बर्फबारी के बाद शनिवार को पर्यटकों की भीड़ लग गई। देहरादून-मसूरी हाईवे पर जाम लगता रहा और शहर में पर्यटकों की भीड़ रही।
मसूरी, धनोल्टी काणाताल, बुराशंखण्डा, सुरकण्डा, नागटिब्बा, त्याड़े भदराज, दुधली भदराज, लाल टिब्बा, चार दुकान, जॉर्ज एवरेस्ट, विंसेंट हिल में वर्ष 2026 का पहला जोरदार हिमपात और बारिश होने से पर्यटकों व स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। पर्यटक मस्ती करते रहे।
बीते सितंबर 2025 में मानसून की बिदाई के पूरे चार माह बाद शुक्रवार तड़के ही मसूरी में बूंदाबांदी शुरू हो गयी थी। सुबह लगभग साढे़ नौ बजे शुरू हुई बर्फबारी रुक रुक कर शाम चार बजे तक जारी रही। मसूरी नगर मालरोड से नीचे किंक्रेग तक बर्फ की सफेद चादर से ढक गया।
काफी लंबे अंतराल के बाद मसूरी में अच्छा हिमपात होने की खबर पाकर पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। सैलानी तीन दिन के लंबे वीकेंड का लुत्फ उठा रहे हैं।
कोतवाल दवेंद्र चौहान ने बताया कि देहरादून से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया है।



