पटना। फेक वीडियो मामले में फरार चल रहे यूट्यूबर मनीष कश्यप (Manish Kashyap Surrendered) ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के दवाब में आकर सरेंडर कर दिया है। दरअसल आज आर्थिक अपराध इकाई की टीम बेतिया में मनीष कश्यप के घर पहुंची थी और स्थानीय पुलिस के सहयोग से कुर्की जब्ती की कार्रवाई कर रही थी।
बताया जा रहा है कि इसी कार्रवाई के बाद दबाव में आकर मनीष कश्यप (Manish Kashyap) ने बेतिया के जगदीशपुर ओपी में सरेंडर किया है। फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई और स्थानीय पुलिस मनीष कश्यप से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार ईओयू की टीम लगातार फेक न्यूज़ मामले में मनीष कश्यप को गिरफ्तार करने के लिए दवाब बना रही थी। आर्थिक अपराध इकाई मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी में भी जुटी थी।
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बातचीत में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के ADG नैयर हसनैन खान (ADG Nayyar Hasnain Khan) ने बताया कि ईओयू लगातार मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही थी। वहीं मनीष कश्यप के घर की कुर्की जब्ती भी की जा रही थी। ऐसे में ईओयू के दवाब में आकर मनीष कश्यप ने आज बेतिया में सरेंडर कर दिया है।
बता दें, सन ऑफ बिहार के नाम से प्रसिद्ध यूट्यूबर मनीष कश्यप इन दिनों खूब चर्चा में हैं। आलम यह है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया साइट ट्विटर (Twitter) पर भी ट्रेंड कर रहे थे। दरअसल मनीष कश्यप अपने यूट्यूब चैनल सच तक (Sach Tak Channel) के माध्यम से बिहार समेत देश के अलग-अलग राज्यों का वीडियो शेयर करते हैं।
इसी बीच हाल में ही मनीष ने तमिलनाडु में बिहारियों के साथ हिंसा मामले को लेकर भी एक अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसे पुलिस ने फेक वीडियो बताते हुये मनीष कश्यप के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज किया था।
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वहीं इसके बाद एक बार फिर से मनीष कश्यप ने ट्विटर पर अपनी गिरफ्तारी का फेक न्यूज अपनी फोटो के साथ शेयर किया था, जिसके बाद फिर से पटना पुलिस ने उनके खिलाफ एक और केस दर्ज किया था। मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी।