मसूरी के पास भदराज ट्रेकिंग रूट पर एडवेंचर के लिए गए 10 दोस्तों की जान उस वक्त हलक में आ गई, जब वे रात के अंधेरे में रास्ता भटककर घने जंगल में फंस गए। चारों तरफ अंधेरा और जंगली जानवरों के खतरे के बीच उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलते ही देहरादून पुलिस पहुंची और देर रात कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सकुशल बाहर निकाला।
घटना 5 फरवरी की देर रात की है। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि भदराज ट्रेकिंग पर गए 10 युवक अंधेरा होने के कारण रास्ता भटक गए हैं। वे जंगल में कहां हैं, उन्हें खुद नहीं पता। सूचना मिलते ही सहसपुर कोतवाली प्रभारी ने तत्काल एक रेस्क्यू टीम गठित की।
कोटी गांव से 3 किमी ऊपर जंगल में मिले युवक
पुलिस टीम कोटी गांव पहुंची। वहां से वन विभाग के बीट अधिकारी और गांव के कुछ लोगों को साथ लेकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जंगल घना था और रास्ता पथरीला। करीब 3 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई और काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम उन युवकों तक पहुंची। पुलिस को देखते ही डरे-सहमे युवकों की जान में जान आई।
पुलिस ने सभी को सुरक्षित घर भेजा
रेस्क्यू के बाद पुलिस सभी 10 युवकों को सुरक्षित नीचे ले आई। पूछताछ और कागजी कार्रवाई के बाद उन्हें उनके घर भेज दिया गया। युवकों ने दून पुलिस की तत्परता के लिए उनका आभार जताया और कहा- “अगर पुलिस समय पर नहीं आती तो अनहोनी हो सकती थी।”
ये युवक हुए रेस्क्यू
पुलिस द्वारा बचाए गए युवकों में ज्यादातर छात्र हैं और प्रेमनगर व विकासनगर क्षेत्र के रहने वाले हैं:
अभिषेक चौहान (29), विकासनगर
हेमन्त (26), श्यामपुर, प्रेमनगर
प्रिन्स वर्मा (18), मिठ्ठी बेरी, प्रेमनगर
शिवम (18), मिठ्ठी बेरी
अर्चित (18), स्पेशल विंग, प्रेमनगर
सक्षम घई (23), प्रेमनगर
मंयक राय (19), मिठ्ठी बेरी
शिवांशु (18), मिठ्ठी बेरी
हर्षित (16), मिठ्ठी बेरी
उज्जवल (18), प्रेमनगर



