देहरादून। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के केहरी गांव में हुई दिव्यांशु जटराणा की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे पांच मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं, जो देहरादून समेत पड़ोसी राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी और चश्मदीदों की मदद से पांच और छात्रों की पहचान हो चुकी है। जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। तीन आरोपी मंगलवार को ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। कुछ अन्य आरोपियों की पहचान की कोशिश जारी है।
शुक्रवार को मृतक दिव्यांशु के नजदीकी रिश्तेदार प्रेमनगर थाने पहुंचे। इनमें दिव्यांशु की दादी और अन्य सदस्य शामिल थे। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर अब तक हुई जांच की प्रगति के बारे में जानकारी ली। थानाध्यक्ष कुंदन राम ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि पुलिस की टीमें हत्यारोपियों के बेहद करीब हैं और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।
साजिश में ढाबा संचालक की भूमिका संदिग्ध
पुलिस की जांच अब घटना स्थल यानी बावा की रसोई ढाबे के संचालक की ओर भी मुड़ गई है। एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि ढाबे को फिलहाल बंद करा दिया गया है। पुलिस को आशंका है कि संचालक की आरोपियों के साथ मिलीभगत हो सकती है।
जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावर ग्रुप को सटीक सूचना मिली थी कि दिव्यांशु अपने दोस्तों के साथ ढाबे पर बैठा है। संचालक मूल रूप से बिहार का रहने वाला है, जिससे पुलिस को संदेह है कि उसकी बिहारी ग्रुप के छात्रों के साथ सांठगांठ हो सकती है। उसे भी विवेचना के दायरे में रखा गया है।
तहरीर में यूआईटी के छात्रों के नाम
मृतक के चाचा गौरव राणा की ओर से दी गई तहरीर में यूआईटी के कई वर्तमान और पूर्व छात्रों को नामजद किया गया है। तहरीर के अनुसार, षडयंत्र के तहत आर्यन शर्मा, शिवम शर्मा, मधुर, अंकुर, प्रह्लादराज, शांतनु, उज्जवल, आकाश, वैभव मिश्रा, ऋतिक राजपूत, अंकुर सिंह, वैभव शर्मा, अंकित भारद्वाज, युवराज चौहान और आदित्य राज सहित अन्य अज्ञात छात्रों ने लाठी-डंडों और फावड़े से दिव्यांशु पर जानलेवा हमला किया।
सिर, चेहरे और पसलियों पर चोटों से हुई मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, दिव्यांशु के सिर, चेहरे और पसलियों पर गंभीर चोट लगने के कारण मौत हुई। इस रिपोर्ट से जाहिर है कि आरोपितों ने उस पर कितने बेरहमी से हमला किया था।



