देहरादून – ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी अभूतपूर्व खोज की है, जो विमानों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को राडार की पकड़ से दूर रखेगी। इस अनोखी खोज, एक पतली ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस (ईएमआई) शील्डिंग फिल्म’ (EMI Shielding Film) के लिए भारत सरकार ने ग्राफिक एरा को पेटेंट भी दे दिया है।
कैसे काम करती है यह EMI Shielding Film तकनीक?
यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक डॉ. वारिज पंवार और डॉ. विकास राठी ने कई सालों की कड़ी मेहनत के बाद यह सफलता हासिल की है। डॉ. पंवार ने बताया कि यह पतली परत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप (ईएमआई) से बचाती है।
EMI Shielding Film की परत किसी भी वस्तु पर लगाने के बाद 12 से 18 गीगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी (जिसे केयू बैंड कहा जाता है) पर आने वाली किरणों को पूरी तरह सोख लेती है। चूंकि राडार भी इसी फ्रीक्वेंसी रेंज पर काम करते हैं, इसलिए जब कोई विमान इस परत को लगाकर उड़ता है, तो राडार से निकलने वाली किरणें उस पर पड़ने के बाद वापस नहीं लौटतीं, जिससे विमान राडार की स्क्रीन से गायब हो जाता है।
रक्षा और उद्योग में होगा बड़ा फायदा
यह खोज केवल विमानों तक सीमित नहीं है। खोजकर्ताओं के अनुसार, इस परत को पेंट की तरह किसी भी सतह पर लगाया जा सकता है। यह तकनीक रक्षा, एयरोस्पेस और संचार के क्षेत्रों में क्रांति ला सकती है। इसके संभावित उपयोगों में शामिल हैं:
* राडार और गाइडेड मिसाइल
* इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर
* सैटेलाइट कम्युनिकेशन (डीटीएच, वी-सैट)
* एवियोनिक्स (विमान संचार)
* आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स (5G तकनीक, माइक्रोवेव इमेजिंग)
डॉ. राठी ने इस पेटेंट को वर्षों के शोध कार्य की मान्यता बताया और कहा कि यह तकनीक भविष्य में सुरक्षित और ऊर्जा-कुशल उपकरण बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
Graphic Era की प्रयोगशालाएं बनीं इनोवेशन का हब-
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने इस खोज पर वैज्ञानिकों को बधाई दी और इसे देश के लिए एक ‘बेहतरीन उपहार’ बताया। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा का माहौल और आधुनिक टेक्नोलॉजी वैज्ञानिकों को लगातार कुछ नया करने के लिए प्रेरित करती है।
इस खोज के अलावा, ग्राफिक एरा की प्रयोगशालाओं में पहले भी कई महत्वपूर्ण आविष्कार हुए हैं, जैसे:
* टाइफाइड का पता लगाने की नई तकनीक
* व्यायाम को सुखद बनाने वाली एआई मशीन
* पेड़-पौधों से अधिक औषधीय तत्व निकालने की तकनीक
* ग्रीन टी से फंगल-रोधी दवा का फार्मूला
इस नई खोज को 20 साल का पेटेंट मिलने से वैज्ञानिक उत्साहित हैं। उत्तराखंड की धरती पर हुए इस नवाचार ने पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है।