हल्द्वानी: इलाज की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हरीश पनेरु के नेतृत्व मे डॉक्टर सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी के बाहर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें युवा नेता कमल मेवाड़ी एवं एन एस बरगली शामिल रहे।
जहां हरीश पनेरु का कहा था कि किसी भी हालत मे ग्रामीण जनता के बड़े हुए रेट स्वीकार नहीं करेंगी चाहे हमें उसके लिए बहुत बड़ा संघर्ष करना पड़े। वही राज्य आन्दोलन कारी पी सी शर्मा ने कहा कि गरीब जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को फ्री करने के बजाय महंगा किया जा रहा है।
यह भी पढ़े👉 Uttarakhand Budget 2025: धामी सरकार ने खोला खजाना, जानें बजट में क्या-क्या बड़े ऐलान read more..
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हरीश पनेरु ने कहा कि आज जनता को अपने और पराए की पहचान करने की आवश्यकता है तभी ग्रामीणों और गरीब जनता का भला हो सकता है क्योंकि हमारे विधायकों को यह सोचना चाहिए कि आखिर इतना महंगा इलाज गरीब जनता कैसे करायेगी। उन्होंन कहा उत्तराखंड के अधिकतर सत्ताधारी पार्टी के विधायक भ्रष्टाचार में लिप्त है लेकिन जनता से उन्हें कुछ लेना देना नहीं है। उत्तराखंड राज्य में राज्य निवासी परेशान हैं तथा बाहरी लोग दोहन कर रहे हैं।
पनेरु ने कहा की वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन देकर अवगत करा चुके हैं अब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करायेंगे अगर फिर भी नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जायेगा। पनेरु ने कहा कि जब तक सांस है तब तक पंडित नारायण दत्त तिवारी जी के सपने को नहीं टूटने दिया जाएगा किसी भी हालत में सुशीला तिवारी अस्पताल की अव्यवस्थाओं एवं बड़े हुए रेटों को वापस लेने के लिए लड़ाई जेल तक भी लड़ी जाएगी।

पनेरु ने सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अरुण मोहन जोशी से मुलाकात कर यहां की परेशानियों से शासन को व्यक्तिगत रूप से अवगत कराने का निवेदन किया है जिस पर प्राचार्य ने आश्वासन दिया कि यहां की गरीब जनता की समस्या को शासन के सामने रखूंगा।
काफी नारेबाजी करने के बाद धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया आज धरना प्रदर्शन में सुरेश भट्ट, जगदीश भट्ट , ईश्वर आर्य, दीपक बुग्याल, जगदीश मेलकानी, पूरन चंद विनवाल, अध्यक्ष इ रिक्शा हरक सिंह रावत, कंचन जोशी, ई रिक्शा नेता खिमेश परगांई, बबलू महरा, सौरभ महरा, खिमेश पनेरू, विपिन पनेरु छात्र नेता, निखिल कुमार, जानकी पड़लिया डुंगर, मोहन पनेरु सहित सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।