18.3 C
Dehradun
Friday, February 13, 2026
Google search engine
HomeदेहरादूनWorld Stroke Day: Max Hospital ने बताया - 90% स्ट्रोक को कैसे...

World Stroke Day: Max Hospital ने बताया – 90% स्ट्रोक को कैसे रोकें | ‘BE FAST’ फॉर्मूला क्या है? 

​🚨 स्ट्रोक इमरजेंसी: 90% स्ट्रोक को कैसे रोकें और तुरंत क्या करें? | World Stroke Day Awareness

​देहरादून: आज वर्ल्ड स्ट्रोक डे (World Stroke Day) के अवसर पर, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने स्ट्रोक की रोकथाम और तुरंत इलाज के महत्व पर बात की।

​क्या आप जानते हैं कि 90% तक स्ट्रोक को रोका जा सकता है? इस वीडियो में जानिए कि कैसे छोटे लाइफस्टाइल बदलाव आपके दिमाग को बचा सकते हैं, और स्ट्रोक की स्थिति में आपकी एक मिनट की कार्रवाई किसी की जान कैसे बचा सकती है।

डॉ. शमशेर द्विवेदी, डायरेक्टर, न्यूरोलॉजी विभाग, ने इसे एक ‘मेडिकल इमरजेंसी’ बताया। उन्होंने लोगों से स्ट्रोक के शुरुआती चेतावनी संकेतों को पहचानने का आग्रह किया।

बी.ई. एफ.ए.एस.टी (BE FAST) फॉर्मूला याद रखें:

​B – बैलेंस (संतुलन खोना)                                              ​E – आइज़ (आँखों में बदलाव)                                        F – फेस (चेहरा लटकना)                                              A – आर्म्स (बाँहों में कमज़ोरी)                                        S – स्पीच (बोलने में दिक्कत)                                         ​T – टाइम (तुरंत एक्शन लेना)

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि समय पर एक्शन और फ़ौरन मेडिकल केयर न सिर्फ जान बचा सकती है, बल्कि दिमाग के ज़रूरी कार्य को भी बचा सकती है।

 

डॉ. नितिन गर्ग, सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी, ने स्वस्थ लाइफस्टाइल पर सबसे अधिक ज़ोर दिया। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम,

​और विशेष रूप से हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज़, धूम्रपान तथा मोटापे जैसी स्थितियों को कंट्रोल में रखना, स्ट्रोक की रोकथाम का सबसे मजबूत आधार है।

​अस्पताल ने समुदाय से स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानने और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है, ताकि स्ट्रोक से बचे लोग भी रिहैबिलिटेशन और सहयोग के माध्यम से एक संतोषजनक जीवन जी सकें।

मैक्स हेल्थकेयर की इस पहल का उद्देश्य यही है कि लोग रोकथाम की शक्ति को पहचानें और समय रहते अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों। एक छोटी सी जीवनशैली में बदलाव, आपकी जान और आपके दिमाग को बचा सकता है। इसी के साथ, इस रिपोर्ट में इतना ही।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here





Most Popular