देहरादून, उत्तराखंड – DBS Global University ने 22 और 23 अगस्त 2025 को अपने परिसर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस DREAMS-2025 (डिजिटल रेज़िलियंस फ़ॉर इकोलॉजिकल एडवांसमेंट, मैनेजमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी) का सफल आयोजन किया। यह कॉन्फ्रेंस डिजिटल युग में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
इस आयोजन में भारत के 25 राज्यों और 6 देशों के 800 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिससे यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया।
वैश्विक सहभागिता और शोध का केंद्र
DREAMS-2025 की सफलता में 5 अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों का सक्रिय सहयोग रहा, जिनमें Malaysia University of Science & Technology, MAHSA University, UNIMY (Malaysia), Gedik University (Turkey), और BC Education (Singapore) शामिल हैं। कॉन्फ्रेंस में 350 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ग्रीन मार्केटिंग, सस्टेनेबल सप्लाई चेन, और इकोलॉजिकल रेज़िलियंस जैसे 9 प्रमुख विषयों पर गहन चर्चा की।
मुख्य वक्ताओं ने दिया भविष्य का संदेश
कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. इंद्रेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में डिजिटल परिवर्तन को सतत विकास से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा, “युवा शक्ति इस बदलाव की सबसे बड़ी ताक़त है।” उन्होंने डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ती है।
विशिष्ट अतिथि श्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल (बोर्ड डायरेक्टर – बीपीसीएल, बैंक ऑफ बड़ौदा) ने डिजिटल इनोवेशन और जिम्मेदार प्रबंधन को भविष्य की अर्थव्यवस्था का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन हमें भविष्य की चुनौतियों के लिए ठोस दिशा देते हैं।
विश्वविद्यालय नेतृत्व की दूरदर्शिता
DBS Global University के नेतृत्व ने इस कॉन्फ्रेंस को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री मोहित अग्रवाल ने DREAMS-2025 को वैश्विक स्तर पर शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
कुलपति डॉ. संजय जसोल ने इस आयोजन को “वैश्विक विमर्श का प्लेटफ़ॉर्म” करार दिया, जो आने वाले वर्षों के लिए भविष्य की सोच को आकार देगा। कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजीव भारद्वाज ने बताया कि इन 9 ट्रैक्स में हुई चर्चाओं से मिली ज्ञान और रणनीतियों को एक श्वेत पत्र के रूप में सरकार को प्रेषित किया जाएगा ताकि भविष्य के लिए ठोस रूपरेखा तैयार हो सके।
DBS Global University का यह सफल आयोजन न केवल शिक्षा के क्षेत्र में उसकी अग्रणी भूमिका को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि संस्थान समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेता है। शिक्षा का यह सार्थक प्रयास सतत विकास और सामाजिक उत्थान के लिए एक मजबूत नींव का काम करेगा।