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गौड़ भ्रातृमंडल मिलन समारोह कोटद्वार में धूमधाम से संपन्न, गौड़ वंशावली पुस्तक का हुआ विमोचन

हमारा गांव हमारा तीर्थ

रिश्तों की डोर को मजबूत करने की दिशा में बढ़ा कदम

धूमधाम से मना गौड़ भ्रातृमण्डल मिलन समारोह

गौड़ वंशावली का भी हुआ विमोचन

“जुड़ना है, जोड़ना है और भ्रातृ भाव बढ़ाना है” ध्येय वाक्य

शायकवाणी संवाददाता

कोटद्वार। “जुड़ना है, जोड़ना है और भ्रातृ भाव बढ़ाना है”, इस ध्येय वाक्य के साथ गौड़ भ्रातृ मंडल, सिमलना मल्ला, दुगड्डा (पौड़ी गढ़वाल) का मिलन समारोह धूमधाम से मनाया गया। “गौड़ वंशावली एवं गौड़ भ्रातृमण्डल” पुस्तक का भी विमोचन इस मौके पर किया गया।

आशीर्वाद मोटल एंड वेडिंग प्वाइंट, मवाकोट (भाबर) में आयोजित इस समारोह में सिमलना मल्ला, धूरा, नरई, खुण्डरा, डांडा विनक, सरा, जोगी झलड़ आदि गांवों से गौड़ बंधु पहुंचे। दूसरे शहरों में बसे प्रवासी बंधु बंधुओ की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। ध्याणियों की भागीदारी ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।


संरक्षक चंद्रमोहन गौड़ को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करते राजेंद्र गौड़

समारोह का श्रीगणेश देवी देवताओं के आह्वान और पूजन हवन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन के साथ आचार्य सुमन गौड़, गौरव गौड़, भुवनेश गौड़, ओम प्रकाश गौड़ एवं रमेश चंद्र गौड़ द्वारा शंख ध्वनि और स्वस्ति वाचन किया गया। नन्हीं छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मांगल टीम ने कर्णप्रिय स्वर में “दैणा होयां खोली का गणेशा” गीत पेश किया।

समारोह में उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूड़ी भूषण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। जबकि नगर निगम कोटद्वार के मेयर शैलेंद्र रावत अति विशिष्ट अतिथि और प्रो. सत्यव्रत रावत (प्राचार्य, हिन्दू कॉलेज मुरादाबाद) एवं प्रो.दशम सिंह नेगी (प्राचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सभी वक्ताओं ने रिश्तों की डोर को मजबूत बनाए रखने को ऐसे आयोजनों की परंपरा को जीवंत बनाए रखने पर जोर दिया।

समारोह में भाग लेतीं ध्याणियां

गौड़ भ्रातृमण्डल के अध्यक्ष सोमप्रकाश गौड़ ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार प्रकट किया। इसके उपरांत अध्यक्ष एवं नगर निगम देहरादून के पार्षद व संगठन के सचेतक रमेश चंद्र गौड़ ने ध्याणियों को सम्मानित किया। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मनवर लाल भारती का भी संगठन की ओर से हार्दिक अभिनंदन किया गया। उन्होंने 33 वर्षों तक इंटर कॉलेज पोखरी अजमीर में सेवाएं दी हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन संगठन के लेखा परीक्षक भारत मोहन गौड़ एवं डॉ अरविंद गौड़ ने किया।

 

नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है वंशावली
गौड़ वंश की नई पीढ़ी के लिए गौड़ वंशावली अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है। गौड़ भ्रातृमण्डल द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का संपादन एवं संकलन डॉ अरविंद कुमार गौड़ ने किया है। सर्वप्रथम ग्राम सिमलना मल्ला के ही निवासी श्री रामेश्वर प्रसाद गौड़ ने गौड़ वंश के बारे में जानकारी जुटाकर वंशावली तैयार की थी। इसी बीच ग्राम सौर निवासी श्री नारायण दत्त गौड़ ने भी गौड़ वंश का यह दस्तावेज तैयार करने का प्रयास किया। फिर इस नेक कार्य को आगे बढ़ाया श्री राजेंद्र कुमार गौड़ (संप्रति ग्राम प्रधान सिमलना मल्ला ) ने।

राजकीय इंटर कालेज बनचूरी में शिक्षक के पद पर कार्यरत डॉ अरविंद गौड़ ने वर्ष 2016 में इस वंशावली को अपडेट करने के बाद गौड़ वंश के बारे में पुनः जानकारी संकलित कर अब इसे विस्तार देने का सराहनीय प्रयास किया है। वंशावली में सिमलना मल्ला गांव के इतिहास और भौगोलिक स्थिति के साथ ही रहन सहन, व्यवसाय, खेती, परम्परागत खानपान, सहभागिता, महिलाओं की भूमिका आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। लेख और संस्मरणों को भी स्थान दिया गया है। पुस्तक की भूमिका राजकीय इंटर कालेज बनचूरी (यमकेश्वर), पौड़ी गढ़वाल के प्रधानाचार्य बुद्धि प्रकाश पेटवाल ने लिखी है। संपादन कार्य में श्री वीरेंद्र प्रसाद गौड़ और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्या श्रीमती सुलोचना गौड़ ने भी सहयोग दिया है।

हिल गई जड़ों को खाद-पानी देने की जरूरत : ऋतु
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि रिश्ते जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। आज रिश्तों की यह डोर कमजोर हो रही है। इनकी जड़ें अभी हालांकि टूटी नहीं हैं, लेकिन हिल गई हैं। हमें इन्हें खाद-पानी देकर सींचना है। गौड़ भ्रातृ मंडल निश्चित रूप से इस दिशा में सराहनीय काम कर रहा है।

बचाने होंगे रिश्ते, जोड़ने होंगे परिवार : डॉ कोटनाला
समारोह के मुख्य वक्ता एवं प्रख्यात इतिहासकार डॉ सुशील कोटनाला ने उत्तराखंड में गोरखा राज, कत्यूरी, परमार और पंवार राजवंश के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजशाही के दौर में भी संस्कृति के संरक्षण के लिए काम किया गया। आज जिस प्रकार रिश्ते खत्म हो रहे हैं, परिवार सिकुड़ रहे हैं, वह अत्यंत चिंताजनक है। रिश्तों को बचाना होगा, परिवारों को जोड़ना होगा। ऐसे मिलन समारोह इस दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजक मंडल को बधाई दी। यहां बता दें कि डॉ कोटनाला ने साहित्य, इतिहास, दर्शन और भारतीय संस्कृति पर गहन अध्ययन और शोध किया है। वह 16 देशों की यात्राएं कर चुके हैं और सामाजिक विकृतियों को मिटाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।


वरिष्ठजनों का हुआ सम्मान

समारोह में राजेन्द्र प्रसाद गौड़ एवं सुमन गौड़ (नई दिल्ली) ने वरिष्ठ नागरिकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इनमें गौड़ भ्रातृमण्डल के संरक्षक चंद्रमोहन गौड़ (मवाकोट), प्रोफेसर रंजन गौड़ (खुर्जा-देहरादून), रिटायर्ड प्रधानाचार्य दिनेश चंद्र गौड़ (देहरादून), प्रतिष्ठित व्यवसायी दिनेश चंद्र गौड़ (कलालघाटी), यूपीएफसी के सेवानिवृत्त अधिकारी राजीव गौड़ (देहरादून), ऊर्जा निगम के रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र प्रसाद गौड़ (कोटद्वार), श्रम विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी वेदप्रकाश गौड़ (हरिद्वार), दूरसंचार विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी दाताराम गौड़ (नई दिल्ली), ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार गौड़ (सिमलना मल्ला), निवर्तमान अध्यक्ष शशिकांत गौड़ (देहरादून), आकाशवाणी के सेवानिवृत्त अधिकारी अनिल गौड़ (नोएडा), सतीश चंद्र गौड़ (सिमलना मल्ला) आदि शामिल थे।



समारोह में वरिष्ठ नागरिकों का हुआ सम्मान

गरिमामय उपस्थिति
शासकीय अधिवक्ता पराग गौड़ (खुर्जा), इंजीनियर पुनीत गौड़ (देहरादून), ऊषाकान्त गौड़ (पुणे), राजेश्वर प्रसाद गौड़ (सिमलना मल्ला), सुरेन्द्र गौड़ (कोटद्वार), वीरेंद्र गौड़ (लालपानी, कोटद्वार), दीपिका गौड़ (हल्द्वानी), कमलेश गौड़, अरविंद गौड़ (देहरादून), हरीश गौड़ (ऋषिकेश), राजेश गौड़ (किशनपुरी, भाबर), जगदीश गौड़ (दिल्ली), ओमप्रकाश गौड़, पंकज गौड़, (कोटद्वार), सुभाष गौड़ व अनूप गौड़ (हल्दूखाता), धीरेंद्र गौड़, आशीष गौड़, तेजप्रकाश गौड़ (मवाकोट), अजय गौड़, प्रमोद गौड़ नवल गौड़ (लुधियाना), रमेश चन्द्र गौड़ (मवाकोट), एकेश्वर गौड़ (उदय रामपुर, कलालघाटी) आदि।

कार्यकारिणी की भी सहभागिता
समारोह में गौड़ भ्रातृमण्डल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक गौड़, उपाध्यक्ष (महिला) श्रीमती प्रतिभा देवी, श्रीमती सुमन देवी, सचिव आचार्य सुमन चंद्र गौड़, सहसचिव श्रीकांत गौड़ (मवाकोट), संजीव गौड़ (नई दिल्ली), संगठन सचिव संजीव गौड़ (देहरादून), दीपेन्दु गौड़ (सिमलना मल्ला) समेत पूरी कार्यकारिणी की भी सहभागिता रही।

नन्हीं बालिकाओं ने बांधा समा
समारोह में नन्हीं बालिकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया। इन बालिकाओं में कीर्ति नेगी, काव्या नेगी, आद्या नेगी, अनुष्का नेगी, वागमिता बहुगुणा, अस्मिता बहुगुणा, आकृति चौहान, पावनी भट्ट शामिल थीं। इन बच्चों ने प्रवक्ता दीपिका गौड़ के दिशानिर्देशन में अपनी प्रस्तुति तैयार की। इसमें सहयोग किया शिक्षक आशीष बहुगुणा और श्रीमती सुमित्रा बहुगुणा ने।

सांस्कृतिक टीम के नेतृत्वकर्ता आशीष और सुमित्रा बहुगुणा को सम्मानित करते देहरादून के पार्षद रमेश चंद्र गौड़ व आचार्य सुमन गौड़

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