देहरादून, उत्तराखंड में बदहाल सड़कों, अधूरे निर्माण कार्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी की समस्या को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। राज्यभर से पहुंचे उक्रांद कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर मार्च किया और लोक निर्माण एवं सड़क परिवहन मंत्री सतपाल महाराज के सरकारी आवास का घेराव करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।

उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के अनेक गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सड़क के अभाव में ग्रामीणों को आवागमन समेत कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेशभर की जर्जर और गड्ढों में तब्दील सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की।
दल के संरक्षक और पूर्व विधायक काशी सिंह एरी ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी प्रदेश की सड़कों की बदहाल स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने वर्षों से लंबित सड़क निर्माण परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की।

पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि आज भी कई दूरस्थ गांव सड़क संपर्क से अछूते हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए तेजी से कार्य किए जाने की मांग उठाई।
उक्रांद नेताओं ने सड़क और बुनियादी सुविधाओं की कमी को पहाड़ों से हो रहे पलायन से भी जोड़ा। उनका आरोप है कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उक्रांद ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं किया गया और लंबित निर्माण कार्य शुरू नहीं हुए तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगी।

