देहरादून, संस्कृति जागरण मंच, उत्तराखंड प्रांत की ओर से देहरादून स्थित संस्कृति विभाग के सभागार में “देवभूमि माटी गौरव सम्मान समारोह-2026” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, कला, साहित्य, खेल, समाजसेवा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पत्रकारिता, उद्यमिता और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं एवं विभूतियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी मौजूद रहे।
उत्तराखंड की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना जरूरी: भगत सिंह कोश्यारी
समारोह में सम्मानित प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन उत्तराखंड की माटी, संस्कृति और समाज के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे लोगों का मनोबल बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान मिलने के साथ व्यक्ति की जिम्मेदारी भी बढ़ती है और वह समाज तथा अपनी संस्कृति के प्रति और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित होता है।

लोकभाषा और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने पर जोर
विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने भी देवभूमि माटी गौरव सम्मान की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा संस्कृति और समाज के सम्मान में किए जा रहे प्रयास आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने उत्तराखंड की लोकभाषा, लोककला और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने वाले प्रयासों की प्रशंसा की।
इन प्रतिभाओं को मिला देवभूमि माटी गौरव सम्मान
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए अनेक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में—
- श्रीमती रामेश्वरी भट्ट — पौराणिक जागर गायन
- श्री नंदलाल भारती — लेखन
- राघवी बिष्ट — खेल
- डॉ. महेश कुड़ियाल — स्वास्थ्य सेवा
- श्रीमती मीना राणा — लोक गायन
- श्री डी.एस. पंवार — समाज सेवा
- श्रीमती रेखा धस्माना उनियाल — लोक गायन
- श्री मनीष सिंह रावत — भारतीय खेल जगत
- श्रीमती डॉ. रेशमा शाह — लोक गायन
- श्री धर्मेश नौटियाल — धर्म एवं संस्कृति
- श्रीमती शशि रतूड़ी — महिला उद्यमिता
- श्री यूवी नेगी — छायांकन
- श्रीमती मिनी उनियाल — अभिनय
- श्री सौरभ मैठाणी — लोक गायन
- श्रीमती आरती रावत — ब्लॉगिंग
- डॉ. सोनी — पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्ष मित्र
- श्री सुभाष रतूड़ी — पारंपरिक भोजन एवं “मंडुवा किंग”
- श्री ललित गित्यार — संगीत
- श्री सतपाल — काव्य लेखन
- श्री अज्जू तोमर — जौनसारी लोक गायन
- डॉ. ममता कुंवर — काव्य एवं साहित्य
- श्री अवधेश नौटियाल — पत्रकारिता
- श्री मोहन नेगी — समाजसेवा
- श्री पोल खोल बहुगुणा — डिजिटल मीडिया
