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देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू, उत्तराखंड के स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा

देहरादून। उत्तराखंड में प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने देहरादून के सहस्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क में अपनी नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी का उद्घाटन किया। करीब 30,000 वर्ग फुट क्षेत्र में चार मंजिलों पर विकसित इस आधुनिक केंद्र से राज्य के IT/ITeS उद्योग, स्टार्टअप्स और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों को सहयोग मिलेगा।

नई फैसिलिटी का उद्घाटन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के आईटी एवं सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा, कृषि मंत्री गणेश जोशी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

देहरादून STPI इन्क्यूबेशन फैसिलिटी

स्टार्टअप्स को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी को प्रौद्योगिकी कंपनियों और नए उद्यमियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां अर्ध-सुसज्जित कार्यालय, हाई-स्पीड इंटरनेट, वातानुकूलित एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल, ऑडिटोरियम, दो मीटिंग रूम, दो कॉन्फ्रेंस रूम और नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर (NOC) जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस बुनियादी ढांचे का उद्देश्य स्टार्टअप्स को अपने विचारों को व्यावसायिक उत्पादों में बदलने, नए समाधान विकसित करने और कारोबार का विस्तार करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। इससे राज्य में निवेश आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड में 1,700 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में प्रौद्योगिकी और व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने घरेलू तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देहरादून में STPI की नई फैसिलिटी स्टार्टअप्स और प्रौद्योगिकी उद्यमों को एक-दूसरे के साथ सहयोग करने, विचार साझा करने और नवाचार आधारित समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी। उनके अनुसार, उत्तराखंड में पहले से ही 1,700 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं। ऐसे में नई फैसिलिटी राज्य के उद्यमशीलता इकोसिस्टम को और मजबूती प्रदान कर सकती है।

उन्होंने काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकास सहित इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

देहरादून को आईटी हब बनाने की दिशा में पहल

उत्तराखंड के आईटी एवं सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं और STPI की नई फैसिलिटी राज्य में प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने में सहायक होगी।

वहीं, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून की शैक्षणिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर में बेंगलुरु और हैदराबाद की तरह एक प्रमुख आईटी गंतव्य बनने की क्षमता है। उन्होंने विश्वास जताया कि नया केंद्र आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर तैयार करने में योगदान देगा।

डिजिटल गवर्नेंस और उद्यमिता को मिलेगा प्रोत्साहन

उत्तराखंड सरकार के आईटी सचिव पंकज पांडे ने कहा कि नई फैसिलिटी युवा उद्यमियों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से युवाओं को अपनी तकनीकी विशेषज्ञता को सफल व्यवसायों में बदलने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 1,000 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने के माध्यम से डिजिटल गवर्नेंस को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। इन प्रयासों से राज्य की डिजिटल व्यवस्था मजबूत करने और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने में मदद मिल सकती है।

52 स्टार्टअप्स का चयन, 17 को 4.25 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग

STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि संगठन का देशव्यापी नेटवर्क स्टार्टअप्स को निवेशकों, विशेषज्ञों और तकनीकी संसाधनों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देहरादून की नई फैसिलिटी के माध्यम से स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, उद्योग जगत से जुड़ाव और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

STPI देहरादून की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नेक्स्ट जनरेशन इन्क्यूबेशन स्कीम (NGIS) के अंतर्गत विभिन्न चैलेंज कार्यक्रमों के माध्यम से 52 स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। इनमें से 17 स्टार्टअप्स को कुल 4.25 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त 26 से अधिक स्टार्टअप्स को प्रत्येक 90,000 रुपये का स्टाइपेंड मिला है।

इन पहलों का उद्देश्य शुरुआती चरण के उद्यमों को वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग देना और उन्हें विस्तार योग्य उत्पाद विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पहले से मौजूद सुविधाओं का भी होगा विस्तार

उत्तराखंड सरकार के सहयोग से वर्ष 2001 में स्थापित STPI देहरादून राज्य में IT/ITeS उद्योग को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। संगठन इन्क्यूबेशन सेवाओं के साथ STP, Non-STP और EHTP योजनाओं के क्रियान्वयन में भी भूमिका निभाता है।

देहरादून के आईटी पार्क में पहले से मौजूद इन्क्यूबेशन फैसिलिटी में लगभग 19,533 वर्ग फुट का सुपर बिल्ट-अप क्षेत्र उपलब्ध है। नई 30,000 वर्ग फुट की फैसिलिटी से राज्य में प्रौद्योगिकी उद्यमों के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे का और विस्तार होगा।

 

उत्तराखंड के तकनीकी भविष्य के लिए अहम कदम

STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी से उत्तराखंड में स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने, निवेश के अवसर विकसित करने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।

सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से यह केंद्र राज्य में प्रौद्योगिकी आधारित आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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