HomeEditorialBike Insurance : बाइक के लिए सबसे बेहतर है ये इंश्योरेंस पॉलिसी

Bike Insurance : बाइक के लिए सबसे बेहतर है ये इंश्योरेंस पॉलिसी

Bike Insurance: अगर आप टू व्हीलर वाहन का इंश्योरेंस कराने जा रहे हैं तो आपको सबसे पहले पता कर लेना चाहिए कि कौन सी पॉलिसी लेनी चाहिए, क्योंकि टू व्हीलर वाहन के इंश्योरेंस के लिए आपको तीन विकल्प जैसे – थर्ड पार्टी इंश्योरेंस या कॉम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस पालिसी या फिर स्टैडअलोन पॉलिसी मिलते हैं।

इनमें से किसे चुनना है इसके लिए आपको कनफ्यूज रहते है. तो बता दें कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस मुख्य इंश्योरेंस पॉलिसी है, इसे वाहन के सड़क पर आने से पहले बाइक मालिक को खरीदना चाहिए। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ये इंश्योरेंस पॉलिसी सभी टू व्हीलर मालिक को अपनी बाइक की सेफ्टी के लिए खरीदना जरूरी है। स्टैंडअलोन पॉलिसी स्वयं के नुकसान यानी ओन डैमेज को कवर करता है। वहीं कॉम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी, स्टैंडअलोन और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस इन दोनों ही पालिसियों का कांबिनेशन है।

जीरो डेप्रिसिएशन इंश्योरेंस कवर

आज के समय में बाइक का इस्तेमाल करने से उसकी कीमत घटती जाती है। बाइक की कीमत में समय के साथ आ रही गिरावट का असर पॉलिसीहोल्डर यानी मालिक पर पड़ता है, ऐसे में मुख्य बीमा पॉलिसी के आलावा बीमा कंपनी द्वारा खरीदा गया ऐड-ऑन जीरो डेप्रिसिएशन इंश्योरेंस बैटरी, ट्यूब और टायरों को छोड़कर आपकी बाइक के बाकी सभी भागों के लिए 100 फीसदी नुकसान को कवर करेगी।

Bike Insurance

बता दें वाहन की बैटरी, ट्यूब और टायरों के नुकसान होने पर ये ऐड-ऑन सिर्फ 50 फीसदी का कवर देगी। स्टैंडअलोन या कॉम्प्रीहेंसिव पॉलिसी के साथ बाइक के लिए जीरो डेप्रिसिएशन इंश्योरेंस कवर का विकल्प चुना जा सकता है। फिलहाल ज्यादातर बीमा कंपनियां एक कार्यकाल में अधिकतम 2 जीरो डेप्रिसिएशन इंश्योरेंस कवर की अनुमति देती हैं, कुछ ऐसे भी बीमा कंपनियां हैं जो एक कार्यकाल के दौरान अनलिमिटेड कवर की अनुमति देती हैं।

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रोड साइड असिस्टेंस

सफर के दौरान बाइक में खराबी एक ऐसी चीज है जो कभी भी सामने आ सकती है और ये आपको परेशानी में डाल सकती है। हालांकि, अगर आपकी बाइक पर रोड साइड असिस्टेंस का कवरेज है, तो आप बीमा कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए नंबर पर कॉल करके समय सीमा के भीतर संबंधित मोटर मैकेनिक की मदद ले सकते हैं। बाइक के टायर की गड़बड़ी हो या वाहन की अन्य खामी बीमा कंपनी की तरफ से उसे सही कराए जाने में मदद मिलती है।

Bike Insurance: पैसेंजर असिस्टेंस कवर

नाम से पता चलता है कि पैसेंजर असिस्टेंस उस शख्स को कवर करता है जो दुर्घटना की स्थिति में सफर के दौरान बाइक चलाने वाले ड्राइवर के पीछे बैठा था। बाइक के पिछले सीट पर बैठे पैसेंजर का जीवन भी उतना ही अहम है जितना कि राइडर यानी बाइक चलाने वाले ड्राइवर का। पैसेंजर असिस्टेंस कवर सफर के दौरान अचानक सड़क हादसे में बाइक राइडर के पीछे वाली सीट पर बैठे पैसेंजर को घातक चोट आ जाने पर कवर करता है।

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रिटर्न टू इनवाइस

मुख्य बाइक बीमा जैसे स्टैंडअलोन ओन डैमेज पॉलिसी या कॉम्प्रीहेंसिव पॉलिसी दुर्घटना की स्थिति में बाइक को हुए नुकसान को कवर करती है। लेकिन बाइक चोरी या 70 फीसदी रिपेयर न हो पाने के मामले में बीमा कंपनी इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (IDV) प्रदान करती है जिसमें बाइक की मार्केट प्राइस से डेप्रिसिएशन कम है। IDV वैल्यू खरीदारी के समय बनाए गए इनवाइस वैल्यू से अपेक्षाकृत कम है क्योंकि इसमें रजिस्ट्रेशन चार्ज और रोड टैक्स दोनों शामिल हैं।

नो क्लेम बोनस का प्रोटेक्शन

नो क्लेम बोनस बीमा कंपनी द्वारा दिया जाने वाला एक रिवार्ड या डिस्काउंट है। अगर पॉलिसीहोल्डर ने इंश्योरेंस टेन्योर के के दौरान नुकसान के लिए कोई दावा नहीं किया है तो अगली बार पॉलिसी रिनुअल पर लाभ दिया जाता है।

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