जौलीग्रांट/देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा-2026 को सुरक्षित और सुगम बनाने के संकल्प के साथ राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शनिवार को SDRF सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने बल की परिचालन व्यवस्थाओं का व्यापक भौतिक निरीक्षण किया, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति में ‘ज़ीरो डिले’ रिस्पांस सुनिश्चित किया जा सके।
उपकरणों की जांच और वाहनों का ट्रायल
निक्षण के दौरान सेनानायक ने वाहिनी स्टोर का रुख किया, जहाँ उन्होंने रेस्क्यू में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों की गुणवत्ता और कार्यक्षमता की बारीकी से जाँच की। इसके साथ ही:
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MT शाखा: आपातकालीन वाहनों का ट्रायल लिया गया ताकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में उनकी गति और संचालन क्षमता परखी जा सके।
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संचार तंत्र: वायरलेस और अन्य संचार प्रणालियों की समीक्षा की गई ताकि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में भी समन्वय बना रहे।
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विशेष इकाइयाँ: डॉग स्क्वाड और पैरामेडिकल टीमों की तैयारियों का भी आकलन किया गया।

सेनानायक के कड़े निर्देश: “कोताही बर्दाश्त नहीं”
श्री अर्पण यदुवंशी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए:
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नियमित अनुरक्षण: सभी रेस्क्यू उपकरण और वाहन हर समय ‘रेडी-टू-यूज़’ मोड में रहें।
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रणनीतिक तैनाती: यात्रा मार्ग के संवेदनशील और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर टीमों को पहले से तैनात किया जाए।
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मॉक ड्रिल: रिस्पांस टाइम को कम करने के लिए नियमित रूप से अभ्यास (Mock Drill) जारी रखा जाए।

श्रद्धालु सुरक्षा सर्वोपरि
सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर देते हुए सेनानायक ने यात्रा मार्ग पर महत्वपूर्ण स्थानों पर जागरूकता बैनर और दिशा-निर्देश बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि SDRF का लक्ष्य केवल आपदा राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों को एक सुरक्षित वातावरण का अहसास कराना भी है।
”SDRF की यह व्यापक तैयारी इस बात का प्रमाण है कि चारधाम यात्रा-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हम हर मोर्चे पर मुस्तैद हैं। हमारी टीमें उच्च स्तरीय सतर्कता और समर्पण के साथ सेवा के लिए तैयार हैं।”
— श्री अर्पण यदुवंशी, सेनानायक, SDRF



