केदारनाथ/लिंचोली: दुर्गम पहाड़, हाड़ कँपा देने वाली ठंड और ऑक्सीजन की भारी कमी—इन विपरीत परिस्थितियों में जहाँ सामान्य जीवन कठिन हो जाता है, वहां SDRF के जवान हज़ारों श्रद्धालुओं के लिए ‘सुरक्षा कवच’ बने हुए हैं। सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में SDRF की टीमें केदारनाथ धाम और लिंचोली क्षेत्र में न केवल रेस्क्यू कर रही हैं, बल्कि बीमार यात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान कर जीवनदान भी दे रही हैं।
SDRF द्वारा अब तक किए गए राहत कार्यों का विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:

कठिन चुनौतियों के बीच ‘क्विक रिस्पॉन्स’
केदारनाथ मार्ग अपनी खड़ी चट्टानों और फिसलन भरे रास्तों के लिए जाना जाता है। SDRF की टीमों ने इन बाधाओं को पार करते हुए कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं:
ऑक्सीजन की उपलब्धता: ऊंचाई पर कम वायुदाब के कारण सांस लेने में दिक्कत होने पर तत्काल पोर्टेबल सिलेंडर उपलब्ध कराए गए।
आधुनिक उपकरणों का प्रयोग: रेस्क्यू ऑपरेशनों में स्ट्रेचर, रोप, स्प्लिंट और मेडिकल मॉनिटरिंग उपकरणों (BP मॉनिटर, ऑक्सीमीटर) का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।




