नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे प्रख्यात पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk की सेहत सातवें दिन अचानक काफी बिगड़ गई है। आंदोलन के समर्थन में पिछले सात दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक का वजन अब तक 5 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है, जिसने उनके समर्थकों और डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है।
डॉक्टरों ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन
ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, लगातार अन्न का त्याग करने के कारण Sonam Wangchuk का ब्लड प्रेशर (BP) लगातार कम हो रहा है। इसके साथ ही उनके ब्लड शुगर के स्तर में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। जंतर-मंतर पर तैनात डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रख रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण और नियमित जांचें की जा रही हैं ताकि उनके महत्वपूर्ण अंगों (Organs) पर कोई गंभीर असर न पड़े।
“मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा अनशन”
इस बीच, आंदोलन से जुड़े प्रमुख सहयोगी अभिजीत दीपके ने स्पष्ट कर दिया है कि तबीयत बिगड़ने के बावजूद सोनम वांगचुक के हौसले डगमगाए नहीं हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “जब तक हमारी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह भूख हड़ताल और आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।”
जंतर-मंतर पर उमड़ रही समर्थकों की भीड़
जैसे ही सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने और 5 किलो वजन घटने की खबर सोशल मीडिया पर फैली, जंतर-मंतर पर समर्थकों का तांता लगना शुरू हो गया। लद्दाख समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं और इस आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता जता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ लद्दाख की नहीं, बल्कि पर्यावरण और लोकतंत्र को बचाने की है।
