देहरादून, उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) 2026 के महिला वर्ग का खिताबी मुकाबला रोमांच और शानदार क्रिकेट का गवाह बना। राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल में देहरादून वॉरियर्स ने मसूरी क्वींस को 15 रन से हराकर महिला वर्ग की चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। देहरादून ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 115 रन बनाए, जिसके जवाब में मसूरी क्वींस की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 100 रन ही बना सकी।
देहरादून वॉरियर्स की जीत की सबसे बड़ी नायिका नीलम भारद्वाज रहीं। उन्होंने दबाव भरे मुकाबले में 46 गेंदों पर 48 रनों की जिम्मेदार पारी खेली, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं पूरे टूर्नामेंट में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर नीलम ने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी अपने नाम किया।

नीलम और प्रीति ने संभाली देहरादून की पारी
टॉस जीतकर मसूरी क्वींस की कप्तान नंदिनी कश्यप ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। शुरुआत में उनका निर्णय सही साबित हुआ जब देहरादून की कप्तान श्वेता मोहन वर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। इसके बाद कैरी भी 15 रन बनाकर आउट हो गईं।
मुश्किल परिस्थिति में नीलम भारद्वाज ने 48 रनों की संयमित पारी खेलते हुए टीम को संभाला। उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके और 1 छक्का लगाया। उनका अच्छा साथ प्रीति भंडारी ने दिया, जिन्होंने 17 गेंदों में 26 रनों की तेज पारी खेली। हालांकि अंतिम ओवरों में लगातार विकेट गिरने से देहरादून की टीम 115/9 तक ही पहुंच सकी।
मसूरी क्वींस की ओर से पूजा राज ने 3 विकेट झटके, जबकि निशा मिश्रा ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 12 रन देकर 1 विकेट हासिल किया।
अमीषा बहुखंडी की घातक गेंदबाजी से टूटी मसूरी की उम्मीदें
116 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मसूरी क्वींस ने अच्छी शुरुआत की और शुरुआती पांच ओवर में बिना विकेट खोए 30 रन बना लिए। लेकिन इसके बाद आरती भंडारी के आउट होते ही टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई।
याशिका बौंठियाल, कप्तान नंदिनी कश्यप और अन्य बल्लेबाजों के जल्दी-जल्दी आउट होने से 10.3 ओवर में स्कोर 43/4 हो गया। इसके बाद गरिमा वशिष्ठ और दीपिका चंद ने संघर्ष करते हुए साझेदारी की और मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
एक समय मसूरी को 15 गेंदों में 30 रन चाहिए थे, लेकिन 18वें ओवर में गरिमा वशिष्ठ के आउट होने से मैच पूरी तरह देहरादून के पक्ष में चला गया। आखिरकार मसूरी क्वींस निर्धारित 20 ओवर में 100/7 रन ही बना सकी।

