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उत्तराखंड के सबसे बड़े अस्पताल दून मेडिकल कॉलेज में तोड़फोड़ और चोरी से हड़कंप, महिला शौचालय से नलों की टोंटी और शीशे गायब

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Doon Medical College Hospital) से सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग (B-Block) में बीती रोज कुछ असामाजिक तत्वों और चोरों ने जमकर उत्पात मचाया। हैरानी की बात यह है कि चोर कई घंटों तक अस्पताल के शौचालयों के भीतर तोड़फोड़ और चोरी की वारदात को अंजाम देते रहे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

महिला शौचालय को बनाया निशाना, वॉश बेसिन तोड़े

यह पूरी घटना दून अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग के बी ब्लॉक (B Block) के दूसरे फ्लोर पर स्थित महिला शौचालय की है। चोरों ने शौचालय के अंदर घुसकर वॉश बेसिन के ऊपर लगी कीमती नलों की टोंटियां और वहां लगे शीशे (Mirrors) तक उखाड़ दिए और उन्हें चोरी कर ले गए।

इस घटना का खुलासा अगली सुबह तब हुआ जब अस्पताल के कर्मचारी ओपीडी ड्यूटी के लिए पहुंचे। कर्मचारियों ने देखा कि महिला शौचालय के कई वॉश बेसिन टूटे पड़े थे और पानी बह रहा था। अस्पताल परिसर के भीतर हुई इस दुस्साहसिक वारदात से अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।

अस्पताल प्रशासन ने बैठाई जांच, सुरक्षाकर्मियों की जवाबदेही तय

घटना की गंभीरता को देखते हुए दून अस्पताल के डिप्टी एमएस (Deputy MS) डॉ. वरुण मित्तल ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम इस प्रकार हैं:

  • पुलिस में शिकायत: इस चोरी और तोड़फोड़ के संबंध में स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दी जा रही है।
  • CCTV फुटेज की जांच: अस्पताल के भीतर और गलियारों में लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके।
  • सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई: इतने संवेदनशील इलाके में हुई इस चूक को लेकर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की जवाबदेही तय की गई है।
  • जांच के मुख्य बिंदु: अस्पताल प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि यह हरकत अस्पताल में आए किसी मरीज की है, या फिर बाहर से आए किसी नशेड़ी ने इस वारदात को अंजाम दिया है।

“हमने सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। आने वाले मरीजों और तीमारदारों से भी अपील है कि वे सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।” — डॉ. वरुण मित्तल, डिप्टी एमएस, दून अस्पताल

नशेड़ियों का अड्डा और सुरक्षा की बड़ी चुनौती

दून अस्पताल के आसपास अक्सर नशे के आदी (ड्रग एडिक्ट्स) तत्व घूमते रहते हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी अस्पताल परिसर और उसके आसपास इस तरह की छोटी-मोटी चोरियों और घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है।

अस्पताल प्रशासन के लिए इन चोरियों को रोकना एक बड़ी चुनौती बन चुका है। दून अस्पताल में रोजाना उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों से लेकर मैदानी इलाकों तक के हजारों मरीज और उनके तीमारदार इलाज के लिए पहुंचते हैं। भारी भीड़ के कारण हर एक व्यक्ति पर पैनी नजर रखना सुरक्षा विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था की गई 24 घंटे सख्त

इस शर्मनाक घटना के बाद दून अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डैमेज कंट्रोल में जुटे अस्पताल प्रशासन ने अब पूरे परिसर की 24 घंटे निगरानी (Round-the-clock Monitoring) बढ़ा दी है। सुरक्षा गार्डों को ओपीडी और वार्डों के पास संदिग्ध रूप से घूमने वाले लोगों पर सख्त नजर रखने और तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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