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Uttarakhand Trout Fish Export: उत्तराखंड की ‘हिमालयन ट्राउट’ का पहली बार इंटरनेशनल मार्केट में निर्यात, नेपाल भेजी गई खेप

देहरादून: उत्तराखंड के मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। राज्य में उत्पादित होने वाली प्रसिद्ध ‘हिमालयन ट्राउट मछली’ (Himalayan Trout Fish) ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रख दिया है। उत्तराखंड सरकार ने ट्राउट मछली का सफलतापूर्वक विदेश में निर्यात (Export) शुरू कर दिया है, जिससे न केवल स्थानीय मत्स्य पालकों की किस्मत बदलेगी बल्कि राज्य के इस ब्रांड को वैश्विक पहचान भी मिलेगी।

देहरादून स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सूबे के मत्स्य पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस बड़ी उपलब्धि की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य के लिए यह गर्व का क्षण है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।

गुजरात के रास्ते नेपाल पहुंची उत्तराखंड की ट्राउट

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि यह निर्यात राज्य की तीन मत्स्यजीवी सहकारी समितियों द्वारा तैयार की गई मछली का किया गया है।

  • सप्लाई चेन: इन ट्राउट मछलियों को सबसे पहले उत्तराखंड से गुजरात के वेरावल भेजा गया।

  • प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट: वेरावल में आधुनिक तकनीकों से प्रोसेसिंग और पैकेजिंग करने के बाद, इसे सफलतापूर्वक नेपाल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किया गया।

  • मत्स्य पालकों को बंपर लाभ: इस पहले ही एक्सपोर्ट से राज्य के 33 मत्स्य पालकों को लगभग 23.50 लाख रुपये की सीधी आय प्राप्त हुई है।

विभाग की मदद: मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने के लिए मत्स्य विभाग ने अपनी ओर से हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन (परिवहन) पर ₹5.40 लाख की वित्तीय सहायता (Subsidy) भी दी है।

दुबई के ‘गल्फ फूड एक्सपो’ से खुलेगा खाड़ी देशों का रास्ता

मंत्री ने भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि हाल ही में दुबई में आयोजित हुए प्रसिद्ध ‘गल्फ फूड एक्सपो’ के दौरान उत्तराखंड के मत्स्य विभाग ने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (International Buyers) से संपर्क साधा है। इससे आने वाले समय में खाड़ी देशों और यूरोप में भी उत्तराखंड की ट्राउट मछली के निर्यात की संभावनाएं बेहद मजबूत हो गई हैं।

इसके अलावा, भारतीय सेना के साथ साझेदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि साल 2004 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के साथ हुए करार के तहत अब तक जवानों के लिए 2.10 करोड़ रुपये मूल्य की 45.10 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की सुरक्षित आपूर्ति की जा चुकी है।

मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि पिछले 4 वर्षों में इस सेक्टर के जरिए 5,646 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है, जबकि विभाग के कामकाज को सुचारू रखने के लिए 33 नियमित नियुक्तियां भी की गई हैं। यह साफ दिखाता है कि धामी सरकार का फोकस राज्य में स्वरोजगार और रिवर्स माइग्रेशन (पलायन रोकने) पर तेजी से काम कर रहा है।

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