गैरसैंण। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठक जिला स्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण हंगामे की भेंट चढ़ गई। लंबे समय से बैठक का इंतजार कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के बैठक में नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए विरोध स्वरूप बैठक का बहिष्कार कर दिया। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि जब समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदार अधिकारी ही मौजूद नहीं हैं, तो ऐसी बैठक आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुमति बिष्ट ने कहा कि पंचायत चुनाव के बाद करीब डेढ़ वर्ष बीतने को है, लेकिन अब तक केवल एक बीडीसी बैठक ही आयोजित हो सकी है। उन्होंने कहा कि पहले से तय कार्यक्रम के बावजूद जिला स्तरीय अधिकारियों का अनुपस्थित रहना पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण जनता के प्रति प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।

ग्राम प्रधान दिवानी राम ने कहा कि गांवों की मूलभूत समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधि लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण उनकी बातें प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण विकास योजनाओं पर पड़ रहा है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र आर्य ने कहा कि कई बार बैठक स्थगित होने के बाद इस बार जनप्रतिनिधि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति ने उन्हें फिर निराश किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पंचायत प्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी की गई तो भविष्य में आंदोलन किया जाएगा।




