हल्द्वानी (उत्तराखंड)। भारतीय जनता पार्टी की विस्तारित राज्य कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। हल्द्वानी दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने तुष्टिकरण, वंदे मातरम और दलितों के अपमान के मुद्दों पर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए ‘बूथ जीतो-चुनाव जीतो’ का स्पष्ट संदेश दिया।
वंदे मातरम और तुष्टिकरण पर कांग्रेस को घेरा नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त रही है, यही कारण है कि उसे पूरा ‘वंदे मातरम’ गाने में दर्द होता है। जिस राष्ट्रगीत की गूंज के साथ लाखों बलिदानियों ने मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर कर दिए, उस पर कांग्रेस की आपत्ति उसकी मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और 2047 के ‘विकसित भारत’ के संकल्प की आवाज है।
दलितों के सम्मान पर भाजपा का रुख स्पष्ट कांग्रेस के इतिहास को दलित विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर से लेकर बाबू जगजीवन राम तक, कांग्रेस ने हमेशा दलित नेताओं को अपमानित किया। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने बाबा साहेब के सम्मान में ‘पंचतीर्थ’ का निर्माण कराया और संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को यथोचित मान-सम्मान दिया।
युवा और उत्तराखंड का बुनियादी विकास बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने देश के युवाओं को केवल अंधकार और निराशा दी, जबकि आज का युवा आत्मनिर्भर बनकर ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब गिवर’ बन रहा है।
उत्तराखंड के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के तहत दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, चारधाम ऑल वेदर रोड, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंची हैं।
धामी सरकार के कार्यों की सराहना और 2027 का रोडमैप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), वन रैंक वन पेंशन, सरकारी नौकरियों में आरक्षण और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने जैसे कदमों को ऐतिहासिक बताया। नितिन नवीन ने कहा कि 2027 की जीत केवल सत्ता पाने के लिए नहीं, बल्कि पार्टी की विचारधारा और विकास की यात्रा को निरंतर बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
